घर से दूर परदेसियों के लिए छठ गीत (Chhath Songs for Office & Migrants)
कार्तिक का महीना आते ही हर प्रवासी बिहारी के दिल में एक ही हूक उठती है— "माई रास्ता देख रही है, घर कब आओगे?" चाहे आप बेंगलुरु के टेक पार्क में हों, गुड़गांव या नोएडा की ऊंची इमारतों में, मुंबई के लोकल ट्रेन में या खाड़ी देशों (Gulf) के दफ्तर में, छठ के दिन घर से दूर रहने का दर्द सिर्फ वही समझ सकता है जो इस मिट्टी से जुड़ा है। यदि इस बार ऑफिस की छुट्टी या मजबूरी के कारण आप घर नहीं जा पाए, तो हेडफोन लगाएं और अपने भीतर छठ के घाट को महसूस करें।
"घर चले" – परदेस में छठ की यादें और मां का दउरा
दीवाली बीतते ही ट्रेनों में टिकट की मारा-मारी, स्टेशन पर भारी भीड़ और घर से मां का फोन... यह हर बिहारी परिवार की कहानी है। जब मां गेहूं धोकर छत पर सुखाती है और कौवे को भगाते हुए छठ के गीत गाती है, उस पवित्रता की खुशबू हजारों मील दूर भी महसूस होती है। जब आप ऑफिस में बैठकर काम कर रहे होते हैं और बैकग्राउंड में शारदा सिन्हा की आवाज में 'केरवा के पात पर' बजता है, तो दिल सीधे गांव के पोखर और गंगा घाट पर पहुंच जाता है।
ऑफिस और सफर में सुनने के लिए सर्वश्रेष्ठ छठ प्लेलिस्ट
हमारे वेब प्लेयर की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे बिना किसी रुकावट के बैकग्राउंड में सुना जा सकता है। आप अपने फोन या लैपटॉप पर कोडिंग, डिजाइनिंग, ईमेल राइटिंग या सफर करते हुए भी निरंतर छठ भजनों का आनंद ले सकते हैं:
-
पहिले पहिल छठी मईया (Pahile Pahil Chhathi Maiya) स्वर: शारदा सिन्हा – हर प्रवासी की आंखों में आंसू ला देने वाला गीत
-
छठी मईया बुलाये (CHHATHI MAIYA BULAYE) स्वर: विशाल मिश्रा – घर वापसी का भावुक आह्वान
-
उग हे सूरज देव (Ugg Ho Suraj Dev) स्वर: अनुराधा पौडवाल – आत्मबल और मन की शांति
परदेस में छठ मनाने वाले साथियों के साथ शेयर करें
अगर आपका कोई दोस्त, भाई या सहकर्मी भी इस बार घर नहीं जा पाया है, तो ऊपर दिए गए व्हाट्सएप शेयर बटन से यह प्लेलिस्ट उनके साथ साझा करें। छठी मईया सबका कल्याण करें और हर प्रवासी के परिवार को सुख-समृद्धि प्रदान करें।
